साइबर टिप-लाइन (Cyber Tipline)

गृह मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा सितंबर 2018 में महिलाओं और बच्चों के विरुद्ध पोर्नोग्राफी सामग्री के प्रचार प्रसार को रोकने के लिए CCPWC (Cyber Crime Prevention Against Women and Children) स्कीम के तहत Cyber Crime Reporting Portal (https://www.cybercrime.gov.in) लॉन्च किया गया है। इस दिशा में NCRB द्वारा वेब स्पेस से Child Sexual Abuse Material (CSAM) संबंधित जानकारी प्राप्त करने हेतु गृह मंत्रालय भारत सरकार द्वारा अमेरिका के National Centre for Missing and Exploited Children (NCMEC) के साथ 26 April 2019 को MoU हस्ताक्षरित किया गया है, जिसके तहत चाइल्ड पोर्नोग्राफी सामग्री के संबंध में साइबर टिप-लाइन रिपोर्ट प्राप्त होती है। इस रिपोर्ट में निजी व्यक्ति या इलेक्ट्रॉनिक / इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर द्वारा प्रेषित जानकारी सम्मिलित होती है। पुलिस से यह अपेक्षा है कि वे ऐसी आपत्तिजनक सामग्रियों को साइबर स्पेस से न केवल पृथक करें बल्कि अपराधियों के विरुद्ध कार्यवाही भी करें।

साइबर टिप-लाइन रिपोर्ट सीडी / साइबर पुलिस पोर्टल के माध्यम से NCRB, MHA द्वारा राज्य साइबर नोडल अधिकारी को कार्यवाही हेतु भेजी जाती है। राज्य साइबर नोडल अधिकारी द्वारा यह सीडी सेक्शन “बी” में उल्लेखित Geo-Lookup के आधार पर पुलिस अधीक्षकों को आवश्यक कार्यवाही करने के लिए प्रेषित की जाती है, ताकि विधिसम्मत आवश्यक कार्यवाही की जा सके।

कार्यवाही- साइबर टिपलाइन से प्राप्त रिपोर्ट के आधार पर विगत 5 वर्षों में राज्य में कुल 1152 FIR दर्ज किए गये हैं।